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शिशà¥à¤“ं में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम
अपने शिशॠको पहली बार सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम से परेशान होते हà¥à¤ देखना आपके लिठà¤à¥€ तकलीफ à¤à¤°à¤¾ हो सकता है। बंद नाक की वजह से उसे दूध पीने और सोने में à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकती है।
अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि शिशॠको आराम पहà¥à¤‚चाने के लिठआप काफी कà¥à¤› कर सकती हैं। और शिशॠको à¤à¤• बार जà¥à¤•ाम हो जाने के बाद आपको पता चल जाà¤à¤—ा कि अगली बार शिशॠको राहत देने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤à¥¤
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि शिशॠको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम है या कà¥à¤› और गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है?
यदि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को जà¥à¤•ाम है, तो वह सामानà¥à¤¯ ढंग से ही खेल और खा-पी रहा होगा। हो सकता है कि जà¥à¤•ाम के कारण से ढंग से न सो पाने की वजह से उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नींद आ रही हो। सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के कारण और बार-बार नींद टूटने और असहज रहने से वह सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिड़चिड़ा हो सकता है। मगर, जब वह आराम कर लेगा, तो आप पाà¤à¤‚गी कि वह पहले की तरह खेलकूद रहा है और बातें बना रहा है।
सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
नाक बहना और साफ शà¥à¤²à¥‡à¤® आना, जो कि गाढ़ा होकर सफेद, पीले या हरे रंग का हो सकता है
नाक बंद होना
हलà¥à¤•ी खांसी
हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार (à¤à¤¸à¤¾ हमेशा नहीं होता)
शिशॠको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब दिखाना चाहिà¤?
यदि आपको शिशॠकी सेहत को लेकर कोई à¤à¥€ चिंता हो, तो बेहतर है कि हमेशा शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपके मन को शांत करने में मदद कर सकते हैं और घर पर शिशॠका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने के और सà¥à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ दे सकते हैं।
यदि किसी à¤à¥€ समय आपको लगे कि शिशॠको सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त नजदीकी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के आपातकाल विà¤à¤¾à¤— में ले जाà¤à¤‚।
यदि आपके शिशॠकी उमà¥à¤° तीन महीने से कम है और उसे 100.4 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤–ार है तो उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚। यदि आपका शिशॠतीन महीने से बड़ा है और उसे 102.2 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट बà¥à¤–ार है तो उसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
यदि आपको लगे कि शिशॠकोविड-19 संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आया है या उसे कोविड के लकà¥à¤·à¤£ हैं, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
साथ ही, निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें:
à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ बाद à¤à¥€ शिशॠकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बिगड़ रही हो या सेहत में सà¥à¤§à¤¾à¤° न हो
उसे सूखी खांसी या बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खांसी हो
वह काफी सà¥à¤¸à¥à¤¤ सा लग रहा हो
वह बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिड़चिड़ा हो रहा है
उसकी à¤à¥‚ख कम हो रही है
वह उलà¥à¤Ÿà¥€ कर रहा है
उसे दसà¥à¤¤ (डायरिया) है
उसे निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) के लकà¥à¤·à¤£ हैं, जैसे कि छह घंटों से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक पेशाब न करना
उसे कान के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लकà¥à¤·à¤£ हैं, जैसे कि कान खींचना, निगलते हà¥à¤ दरà¥à¤¦ होना या कान से रिसाव होना
उसे नेतà¥à¤°à¤¶à¥‹à¤¥ (कंजंकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) है (à¤à¤• या दोनों आंख लाल होना और गाढ़ा सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ आना)
उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर असामानà¥à¤¯ से चकतà¥à¤¤à¥‡ हैं
कोई à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ या वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° है जिसे लेकर आपको चिंता हो रही हो, चाहे चाहे ऊपर दी गई लिसà¥à¤Ÿ में वे शामिल न हों।
मेरे शिशॠको जà¥à¤•ाम किस वजह से हà¥à¤† है?
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम मà¥à¤‚ह, नाक और गले का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ है, जो कि बहà¥à¤¤ से अलग-अलग विषाणà¥à¤“ं में से किसी à¤à¤• की वजह से होता है। शिशà¥à¤“ं को जà¥à¤•ाम जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसलिठहोता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ (इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤®) अà¤à¥€ पूरी तरह विकसित नहीं होती। वह अà¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से लड़ने की शकà¥à¤¤à¤¿ विकसित कर रही होती है।
बढ़ता हà¥à¤† शिशॠनई चीजों को देखने-समà¤à¤¨à¥‡ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़ने की कोशिश करता है, à¤à¤¸à¥‡ में किसी सतह से सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम का विषाणॠ(वायरस) उसके हाथों तक पहà¥à¤‚च सकता है। यदि वह इन दूषित उंगलियों को अपने मà¥à¤‚ह या नाक में डालें या अपनी आंखों को मसले तो वह बीमार पड़ सकता है।
यदि उसके नजदीक रहने वाले किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हो, तो शिशॠà¤à¥€ इस वायरस के संपरà¥à¤• में आ सकता है। आपका शिशॠअकà¥à¤¸à¤° मानसून और सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के महीनों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बीमार पड़ सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम का वायरस साल के इस समय में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फैलता है।
शिशà¥à¤“ं में सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम कितने समय तक रहता है?
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर जà¥à¤•ाम होने के दो से तीन दिन बाद चरम पर होते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे ये 10 दिन से दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बीच ठीक होते जाते हैं। हालांकि, हलà¥à¤•ी खांसी तीन हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक बनी रह सकती है।
यदि आपके शिशॠमें सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबे चलें या उसके लकà¥à¤·à¤£ सà¥à¤§à¤°à¤¨à¥‡ की बजाय बिगड़ रहे हों तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम का इलाज कैसे किया जाà¤?
शिशॠका जà¥à¤•ाम आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाà¤à¤—ा। मगर, आप उसकी परेशानी को कम करने के लिठकà¥à¤› कदम उठा सकती हैं, जैसे कि:
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपके शिशॠको पूरा आराम मिले।
शिशॠको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या बोतल से दूध पीने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें। अगर आपका शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है या ठोस आहार ले रहा है, तो आप उसे पानी à¤à¥€ दे सकती हैं। यदि शिशॠकी उमà¥à¤° छह महीने से कम है तो पहले पानी को उबालकर ठंडा करके ही उसे दें।
अगर शिशॠको बà¥à¤–ार हो, और वह तीन महीने से बड़ा है तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ पर उसे पैरासिटामोल सिरप à¤à¥€ दे सकती हैं। सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम की कोई à¤à¥€ दवा डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बिना पूछे न दें।
जब à¤à¥€ संà¤à¤µ हो शिशॠका सीधा बिठाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। सीधी अवसà¥à¤¥à¤¾ में होने से उसे सांस लेने में आसानी रहेगी। शिशॠके गदà¥à¤¦à¥‡ को ऊंचा न करें, तकिया न लगाà¤à¤‚ या कॉट को ऊंंचा न उठाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ऊंचीं अवसà¥à¤¥à¤¾ सोने से शिशॠको सडन इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸) का खतरा रहता है।
बार-बार ​शिशॠकी नाक पौंछने की वजह से उसकी नाजà¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ में संवेदनशीलता हो सकती है, इससे बचाव के लिठआप उसके नथà¥à¤¨à¥‹à¤‚ के बाहर थोड़ी सी पैटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® जैली लगा सकती हैं। à¤à¤• बार में बहà¥à¤¤ सारी पैटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® जैली न लगाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे यह सांस के जरिये अंदर जा सकती है या शिशॠइसे खा à¤à¥€ सकता है।
नाक में लवणयà¥à¤•à¥à¤¤ पानी (सैलाइन डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥à¤¸) डालने से बंद नाक खोलने में मदद मिल सकती है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछें कि कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠकी नाक में सैलाइन डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥à¤¸ डालना सही रहेगा या नहीं और फिर दोनों नथà¥à¤¨à¥‹à¤‚ में à¤à¤• या दो बूंद डाल दें। शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से 15 मिनट पहले सैलाइन डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥à¤¸ डालने से शिशॠको दूध पीने में आसानी रहेगी। सैलाइन डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥à¤¸ के कोई साइड इफेकà¥à¤Ÿ नहीं हैं और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दिन में कई बार इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। ।
à¤à¤¾à¤ª से à¤à¥€ शिशॠकी नाक में à¤à¤°à¥‡ शà¥à¤²à¥‡à¤® को ढीला करने में मदद मिल सकती है। मगर, शिशॠको गरà¥à¤®, à¤à¤¾à¤ª वाले पानी के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नजदीक न लाà¤à¤‚, इससे उसके जलने का खतरा रहता है। à¤à¤¾à¤ª दिलवाने का à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका यह है कि उसे अपने साथ बाथरूम में ले जाà¤à¤‚। गरà¥à¤® पानी का शावर चालू करें, दरवाजे को बंद कर लें और à¤à¤¾à¤ªà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ बाथरूम में कà¥à¤› मिनटों तक बैठे रहें। इस तरीके से à¤à¤¾à¤ª दिलवाने के बाद शिशॠके कपड़े अवशà¥à¤¯ बदल दें। यहां और अधिक पढ़ें कि शिशॠको à¤à¤¾à¤ª दिलाने के सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीके कà¥à¤¯à¤¾ हैं।
शिशॠको à¤à¤¸à¥€ कोई घरेलू उपचार न दें जिनमें शहद हो। à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं के लिठशहद सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं है।
साथ ही, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शिशà¥à¤“ं के डॉकà¥à¤Ÿà¤° दो साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर वेपर रब के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की सलाह नहीं देते। इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जलन व असहजता हो सकती है। यदि आप अपने थोड़े बड़े बचà¥à¤šà¥‡ को वेपर रब लगाना चाहती हैं, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको विशेषतौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठआने वाले वेपर रब उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ के बारे में सलाह दे सकते हैं।
शिशॠको जà¥à¤•ाम पैदा करने वाले कीटाणà¥à¤“ं से मैं किस तरह बचा सकती हूं?
आप शिशॠको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होने से तो नहीं बचा सकतीं, मगर साफ-सफाई का पालन करके आप शायद इसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार होने से रोक सकती हैं।
शिशॠको जà¥à¤•ाम पैदा करने वाले कीटाणà¥à¤“ं के संपरà¥à¤• में आने से बचाने के लिठआप निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित उपाय आजमा सकती हैं:
हाथ धोना। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि शिशॠको गोद में लेने से पहले परिवारजन और दोसà¥à¤¤ अपने हाथ अचà¥à¤›à¥€ तरह धो लें। नवजात शिशà¥à¤“ं के मामलों में à¤à¤¸à¤¾ करना और à¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ है। और आप à¤à¥€ हाथ धोने का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें - खासतौर पर डाइपर बदलने के बाद और खाना तैयार करने से पहले।
बीमार लोगों से दूर रहें। जितना हो सके अपने शिशॠको बीमार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बड़ों से दूर रखें।
खांसते या छींकते समय अपना मà¥à¤‚ह ढक लें। परिवारजनों को समà¤à¤¾à¤à¤‚ कि शिशॠके आसपास खांसें या छीकें नहीं और खांसते या छींकते समय टिशà¥à¤¯à¥‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें और ​इसे ढकà¥à¤•न वाले डसà¥à¤Ÿà¤¬à¤¿à¤¨ में फेंक दें। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अपना मà¥à¤‚ह कोहनी में लगाकर खांसने या छींकने के लिठकहें।
शिशॠको जलनियोजित रखें। शिशॠको समय-समय पर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या बोतल से दूध पिलाती रहें। जब शिशॠठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥ कर दे, तो आप उसे थोड़ा पानी à¤à¥€ पिला सकती हैं। शिशॠको जूस न दें। दो साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जूस न देने की सलाह दी जाती है।
शिशॠके खिलौनों और चूसनी (पैसिफायर) को साफ रखें। यदि शिशॠके खिलौनों से कोई और बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ खेलता हो तो यह विशेषतौर पर और à¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ है।
परोकà¥à¤· धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से बचें। इससे शिशॠको ऊपरी शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° (अपर-रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€) से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा हो सकता है। इसलिठधूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वालों से दूर रहें और शिशॠको à¤à¤¸à¥€ जगह पर à¤à¥€ न ले जाà¤à¤‚ जहां किसी ने धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ किया हो। जो बचà¥à¤šà¥‡ सिगरेट पीने वाले वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ रहते हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होता है और धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ के संपरà¥à¤• में न आने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में उनका जà¥à¤•ाम à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबा चलता है।
जब तक हो सके शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚। विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ की सलाह है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध के फायदे पाने के लिठशिशॠको à¤à¤• साल सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना चाहिà¤à¥¤ हालांकि, यह शिशॠको इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचाने का सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ उपाय नहीं है, मगर अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाले शिशà¥à¤“ं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम बीमार पड़ते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध में मौजूद à¤à¤‚टीबॉडीज उसे विà¤à¤¿â€‹à¤¨à¥à¤¨ तरह के रोगाणà¥à¤“ं से सà¥à¤°â€‹à¤•à¥à¤·à¤¾ देती हैं।
सà¤à¥€ टीके लगवाà¤à¤‚। टीकाकरण से शिशॠको जà¥à¤•ाम होने से नहीं बचाया जा सकता, मगर टीके और गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ से बचाव कर सकते हैं।
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